चित्र गुगल साभार
बहुत अजीब लगता है
जब लोग
जिदंगी की बात करते है।
जबकि
हर गुजरता लम्हा
हमें मौत के करीब
ले जाता है।
आखिर लोग
सच से इतना
दुर क्यों भागते है।
या फिर
सच सुनने की
हमें आदत ही नही है।
क्यों हम ख्वाब को
हकीकत समझ
उसपर विश्वास करते है।
हम क्यों
उसके ही करीब
रहना चाहते है जो
एक न एक दिन
हमें छोड़कर चला जाएगा।
शायद इसलिए ही
लोग कहते है कि
सच बहुत ही
कड़वा होता है और
झुठ मीठा।





