चित्र गुगल साभार
सजदे में जब उसने अपने हाथों को उठाया होगा
जेहन ‘ओ’ दिल में उसके मेरा ख्याल आया होगा।
तैर जाती है लबों पर उनकी हल्की तबस्सुम की लकीरें
हवाओं ने धीरे से जाकर मेरा हाल ‘ए’ दिल बताया होगा।
उनके रूखसारों पे आ गई जो लाली यक-ब-यक
उनकी महफिल में किसी ने मेरा जिक्र चलाया होगा।
दिल ‘ए’ बेकरारी को वो किसे सुनाए मौला
कमरे में उसने एक आईना लगवाया होगा।
लोगों की नजरों से मुझे बचाने के लिए ‘अमित’
मेरे नाम को उसने हथेलियों में छुपाया होगा।
दिल ‘ए’ बेकरारी को वो किसे सुनाए मौला
ReplyDeleteकमरे में उसने एक आईना लगवाया होगा।
वाह! क्या बात है सर!
सादर
उनके रूखसारों पे आ गई जो लाली यक-ब-यक
ReplyDeleteउनकी महफिल में किसी ने मेरा जिक्र चलाया होगा।
खुबसूरत ग़ज़ल हर शेर जबरदस्त , मुबारक हो .....
लोगों की नजरों से मुझे बचाने के लिए ‘अमित’
ReplyDeleteमेरे नाम को उसने हथेलियों में छुपाया होगा
bahut khoob .badhai swikar karen itni sundar bhavabhivyakti hetu .
दिल ‘ए’ बेकरारी को वो किसे सुनाए मौला
ReplyDeleteकमरे में उसने एक आईना लगवाया होगा।
बहुत सुंदर शेर...
सुन्दर प्रस्तुति.......!
ReplyDeleteबेहतरीन ग़ज़ल लिखी है आपने , ऐसे ही आपकी लेखनी समर्थ हो शुभकामनाये
ReplyDeletebhut hi sunder gazal...
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteवाह! ..अच्छा लिखते हैं आप...
ReplyDeletewaah bahut sundar lekhni hai aapki....aabhar
ReplyDeleteतैर जाती है लबों पर उनकी हल्की तबस्सुम की लकीरें
ReplyDeleteहवाओं ने धीरे से जाकर मेरा हाल ‘ए’ दिल बताया होगा।
bahut khub....dil ko chu gaye aapki lekhni
बहुत खूब लिखा है आपने।
ReplyDelete---------
कौमार्य के प्रमाण पत्र की ज़रूरत किसे है?
ब्लॉग समीक्षा का 17वाँ एपीसोड।
तैर जाती है लबों पर उनकी हल्की तबस्सुम की लकीरें
ReplyDeleteहवाओं ने धीरे से जाकर मेरा हाल ‘ए’ दिल बताया होगा।
बहुत बढ़िया, विवेक जैन vivj2000.blogspot.com
बहुत खूब लिखा है आपने.
ReplyDeleteबहुत ही खुबसूरत प्यार के अहसास समेटे ये पोस्ट....मैंने पहली वाली टिप्पणी हटा दी है वो गलती से मेरे ब्लॉग की बजाय आपके ब्लॉग पर लग गयी थी|
ReplyDeleteलोगों की नजरों से मुझे बचाने के लिए ‘अमित’
ReplyDeleteमेरे नाम को उसने हथेलियों में छुपाया होगा।..
वाह ... बहुत ही लाजवाब शेर है इस ग़ज़ल का ... बहुत उम्दा ..
behtareen ghazal k liye badhai...
ReplyDeleteबेहतरीन ग़ज़ल ...... सादर !
ReplyDeleteप्रेमरस से परिपूर्ण रचना....हर शेर मनमोहक
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