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Thursday, February 16, 2012

बड़े दिलफरेब होते है ये जमाने वाले.....


चित्र गूगल साभार 



बड़े दिलफरेब होते है ये जमाने वाले
हॅस हॅस के मिले हमसे हमको मिटाने वाले।


तेरा दिल न सही दश्त ए वीरानियॉ तो है
वहीं आशियॉं बनायेंगें दिल को लगाने वाले।


कोई क्यों भरोसा करे मोहब्बत के इख्लास पे
दिल मेरा तोड़ गए हमें अपना बनाने वाले।


आवाजें भी तारीखों में दफन हो जाती हैं ‘अमित’
रोके कहॉ रूकते हैं कभी छोड़ कर जाने वाले।

7 comments:

  1. बड़े दिलफरेब होते है ये जमाने वाले
    हॅस हॅस के मिले हमसे हमको मिटाने वाले।

    बहुत खुबसूरत ग़ज़ल....ये शेर सबसे उम्दा लगा।

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  2. बहुत खुबसूरत ग़ज़ल दाद तो कुबूल करनी ही होगी ....

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  3. तेरा दिल न सही दश्त ए वीरानियॉ तो है
    वहीं आशियॉं बनायेंगें दिल को लगाने वाले।

    Nice, Amit !

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  4. वाह ||
    लाजवाब....:-)

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  5. सभी शेर दाद देने के काबिल।
    बढि़य गजल।

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